पितरा पातडी का गीत || रातीजगा में गाया जाने वाला

आड़ी बाड़ी सोना री बाड़ी

 

पितरा पातडी का गीत रातीजगा में गाया जाने वाला

थोड़ी सी तलाई म्हारी सईयो, देवतड़ा रो लश्कर आयो ।

न्याया तो धोया म्हारी सईयो, तो भी नीर मोखलो।

छोटो तो बुकशो म्हारी सईयो, कपडा से भरीयो म्हारी सईयो

देवत रो लश्कर आयो पेरया तो ओड म्हारी सईयो  कपडा मोखलाजी ।

छोटो सो डाबो म्हारी सईयो गहणा से अरियो म्हारी सईयो,

देवतडा रा लश्कर आयो

पहरया तो परखया म्हारी सईयो, तो भी गहणा मोखला जी

छोटी सी कडाई म्हारी खईयो, जामे लपसी बनाई म्हारी सईयो जाम चावल बनाया, म्हारी संईयो पुवा बनाया म्हारी सईयो जाम खीर रंघाई म्हारी सईयो।

देवतरो लश्कर आवयो जीमया तो  चुटया म्हारी सईयो तो भी मोखला जी।

छोटो सो कलश्यो म्हारी सईयो जामे नीरजं भरज्यो म्हारी सईयो।

देवतडा रो लश्कर आयो पीया तो डोल्या म्हारी सईय तो भी नीरज मोखलो।

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One Comment on “पितरा पातडी का गीत || रातीजगा में गाया जाने वाला”

  1. सबसे पहले, नहीं, मैं विदेश में रहता हूं, मैं आपके देश में नहीं रहता, इसलिए मैंने आपसे अनुरोध किया है। मुझे कुछ भेजो ठीक है भेजो तुम क्या भेज रहे हो? आपको कल से मेरी किताब नहीं मिली है, कृपया भगवद गीता के अध्याय भेजें।मैं अध्याय पढ़ना चाहता हूँ।मुझे यह सब करना सीखना चाहिए। जब इंसान की उम्र बढ़ती है, जब अंत समय आता है, तब वो भगवान को याद करता है।मैं लालची नहीं हूँ। तुम समझना चाहते हो या नहीं, मैं नहीं जानता लेकिन मैं क्या कह रहा हूँ।मैं किसी चीज़ का लालची नहीं हूँ। मुझे केवल प्रभुओं का लोभ है। आप सभी का अनुभव अच्छा रहा है, आप पिछड़ गए हैं, आप प्रभुओं के बीच साझा क्यों नहीं कर सकते? यह माघ मेस की कथा 05 फरवरी 2023 को हिन्दू महात्म्य होने जा रहा है। व्यक्ति चाहे तो सब कुछ संभव है। व्यक्ति न चाहे तो कुछ नहीं हो सकता। मैं आपसे फिर से अनुरोध करता हूं कि आज के लिए आपके लिए बस इतना ही लिखूं। बहुत-बहुत धन्यवाद! भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की कृपा आप सभी पर बनी रहे। हर पल ग्राहक को ज्यादा से ज्यादा दें और अपने जीवन में खुशियां भरें।

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