तेजाजी गोगाजी का गीत रातीजगा में गाया जाने वाला

तेजाजी का गीत

कुल म दोय फुलड़ा बडाजी, एक सूरज दूजो चांद जी।

कासब जीरा तेजाजी थे बडाजी।

सुरजरी किरण्या तपजी, चंदारी निर्मल रात जी। कासब जीरा तेजाजी थे बडाजी।

कूल म दोय फुलड़ा बड़ा जी, एक माय दूजो बाप जी।

मायडर ऊदर लोटियाजी, बाप लड़ाया छ लाड़ जी।

कासब जीरा तेजाजी थे बडाजी।

कूल म दोय फुलड़ा बड़ा जी, एक सूसरो दूजी सास।

सूसराजी लाड़ लड़ाइयां जी, सासू सुज्या दरबार। कासब जीरा तेजाजी थे बडाजी।

कूल म दोय फुलड़ा बड़ा जी, एक बीरो दूजो राजन सरताज जी

बीरो ओढाई चुनड़ी जी, राजन रो सरग सुहाग। कासब जीरा तेजाजी थे बडाजी।

गोगाजी का गीत

काहे का तेरा गाड़ी रे गडुलना, काहे का दोय बैल।

अगड़ चंदन को गाड़ी रे गडुलनो, तो सुरही गऊ का दोय बैल।

गाडी जोड़ गडूलनो जोड़ों, चली बाबुल के देश। तो मत जा बाबुल के देश, धरती माँ से बसिक निकल्या।

तो लडियो बलद का पांव, गाडी भी अटक्यो गडुलन्यो भी अटक्यो।

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