माघ मास महात्मय व्रत उद्यापन विधि | magh-maas-vrat-udyaapan-vidhi

माघ मास व्रत उद्यापन विधि माघ मास स्नान करने वालो को माघ पूर्णिमा को प्रातः काल पवित्र तीर्थ में पवित्र नदियों  गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम में अथवा किसी भी नदी में स्नान करके एवं पवित्र होकर उसी क्षेत्र में एक मण्डप बनाकर उसमें भगवान् विष्णु की स्थापना कर। ज्ञानी ब्राह्मणों  को बुलाकर गौरी गणेश […]

माघ मास महात्मय अट्ठाइसवां अध्याय | Magh Maas Mahatmy 28 Va Adhyaay

माघ मास महात्म्य अट्ठाइसवां अध्याय माघ मास माघ मास ] वशिष्ठ जी कहने लगे कि हे राजा दिलीप से जन समूह सहित अच्छोद सरोवर बहुत मे स्नान करके सुख पूर्वक मोक्ष को प्राप्त हो गए। तब लोमश जी कहने लगे संसार रूपी इस तीर्थ राजा को सब श्रद्धापूर्वक देखो। यहाँ पर तेतीस करोड़ देवता आकर […]

माघ मास महात्मय सत्ताईसवाँ अध्याय | 27 वे दिन की कथा | Day 27 Magh Mahatmy

माघ मास महात्मय सत्ताइसवां अध्याय माघ स्नान ] प्रेत कहने लगा कि हे पथिक! मैं इस समय तुम्हारे पास जो यह गंगा जल हैउसको  माँग रहा  हूं, क्योंकि मैंनेइसकी  बहुत कुछमहिमा  सुना हैं मैंने इस पर्वत पर गंगा जल का बड़ा अद्भुतचमत्कारों को  देखा था इस लिए वह जल माँगता हूँ क्योंकि मैं प्रेत-योनि में […]

माघ मास महात्मय छब्बीसवा अध्याय | Magh Maas Mahatmy 26 Va Adhyaay

माघ मास महात्मय  छब्बीसवां अध्याय माघ मास माघ मास [ पधिक कहने लगा कि हे प्रेत! तुमने सारस के वचन किस प्रकार और क्या सुने थे सो कृपा करकेमुझसे कहिए। प्रेत कहने लगा कि इस वन में कुहरा नाम की नदी पर्वत से निकली है। मैं घूमता घूमता  उस नदी के किनारेजा  पहुँचा और थकान  […]

माघ मास महात्मय 24 वा अध्याय | माघ मास महिमा | Magh Mass Mahatmy 24 Va Adhyaay

माघ स्नान 24 वे दिन की कथा  माघ स्नान चौबीसवां अध्याय माघ मास कथा लोमश जी कहने लगे कि वह राजा पहले तो घोर  नरक में गया फिर अंध तामि नामक नर्क में जहां पर फिर काल सूत्र महाघोर  महा नर्क में गया। फिर मूर्छा को प्राप्त हो गया। फिर मूर्छा से चेतना आने पर […]

माघ मास महात्मय पच्चीसवां अध्याय | Magh Mass Mahatmy 25 Va Adhyaay

      माघ मास महात्म्य पच्चीसवां अध्याय [ माघ मास माघ मास ] पिशाच कहने लगा कि हे मुनि! केरल देश का ब्राह्मण किस प्रकार मुक्त हुआ। यह क्या विस्तारपूर्वक कहिए। देवद्यति कहने लगा केरल देश में वासु नाम वाला एक तेंद पारंगत ब्राह्मण था। उसके बंधुओं ने उसकी भूमि छीन ली, जिससे वह […]

माघ मास महात्म्य तेईसवां अध्याय | Magh Mass Mahatmy 23 Va Adhyaay

माघ मास महात्मय तेईसवां अध्याय माघ मास महामुनि लोमश कहने लगे कि जिस पिशाच को देवद्युति ने मुक्त किया वह पहले द्रविड़ नगर में चित्र नाम वाला राजा था। वह बड़ा सूरवीर, सत्यपरायण तथा पुरोहितों को आगे करके यज्ञ आदि करता था। दक्षिण दिशा में उसका राज्य था और उसके कोष धन से भरे हुए […]

माघ मास महात्मय बाइसवां अध्याय | Magh Maas Mahatmy 22 Va Adhyaay

माघ मास महात्मय बाइसवां अध्याय इतना कहकर माघ मास के  भगवान अन्तर्ध्यान हो गए और देवद्युति भगवान के ध्यन में लीन हो गये। तब देवनिधि कहने लगे कि हे महर्षि! जैसे गंगाजी में स्नान करने से मनुष्य पवित्र हो जाता है, वैसे ही भगवान् की इस कथा को सुनकर मैं पवित्र हो गया। कृपा करके […]

बुधवार व्रत की कथा | बुधवार पूजा विधि | बुधवार व्रत की कहानी | Budhvar-Vrt-Ki-Katha- Wednessday Vrat Vidhi-Mahttv

बुधवार  व्रत का महत्त्व बुधवार व्रत की कथा , विधि , महत्त्व | Budhvar-Vrt-Ki-Katha-Vidhi-Mahttv बुधवार व्रत  के दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने का मार्ग बड़ा ही सरल और सुगम हैं | उसे प्रत्येक अमिर गरीब व्यक्ति कर सकता हैं | उसमे न विशेष खर्च की ,न दान पुण्य की , न विशेष योग्यता की […]

phero men gathjoud men kyo bandhi jati h panch chije | विवाह के फेरो में गठ जौड में पांच चीजे क्यों बाँधी जाती हैं

विवाह में फेरों के समय गठजोड़ में पांच चीजे बाँधने का महत्त्व   हिन्दू विवाह में वर एवं कन्या का फे रों के समय वर-वधू का गठबंधन किया जाता है। इस रिवाज  में वधू की बहन या बुआ [ या कोई भी बहन बेटी ]  वधू की साड़ी के दाएं पल्ले के अंतिम छोर में पांच […]

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