रातीजगा गीत | पितर पधारो म्हारे आंगणे  5 | piter pdhaaro mhaare aangn 5

रातीजगा गीत | पितर पधारो म्हारे आंगणे 

5 | piter pdhaaro mhaare aangn 5

थार पग पग फुलडा बिछावे म्हारी माय , 

पितर पधारों म्हारे आंगनिया

पितर पधारों म्हारे आंगनिया ||

कामधेनु गाय का गोबर मंगावा ,

जा बिच अंगना लिप करस्या 

यो तो मोतियन चौक पुरावा म्हारी माय , 

पितर पधारों म्हारे आंगनिया || 

गंगाजल मंगवास्या म्हारा पितरा न स्नान करास्या , 
थान पाँचों ही कपड़ा पहनावा म्हारी माय ,

पितर पधारों म्हारे आंगनिया

कपिला गाय को दूध मंगवाईस्या ,

उजली उजली खीर बनास्या थान भोग लगास्या म्हारी माय ,

पितर पधारों म्हारे आंगनिया |

चौदश की तो रात जगास्या , \

पितरा न  पाट बिठास्या ,

थाका भजना सु रात जगास्या म्हारी माय ,

पितर पधारों म्हारे आंगनिया | 

थार पग पग फुलडा बिछावे म्हारी माय , 

पितर पधारों म्हारे आंगनिया

पितर पधारों म्हारे आंगनिया |

 

 

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