छोटी तीज , हरियाली तीज , श्रावणी तीज व्रत विधि , व्रत कथा 2020 | Choti Teej , Hariyali Teej , Sraavni Teej Vrat Vidhi , Vrat Katha2020

By | July 13, 2020

छोटी तीज , हरियाली तीज , श्रावण तीज

Choti Teej , Hariyali Teej , Sraavni Teej Vrat Vidhi , Vrat Katha

 श्रावण मास के शुक्ल पक्ष को छोटी तीज बड़े उत्साह व उमंग के साथ मनाई जाती हैं | छोटी तीज को हरियाली तीज के नाम से भी जाना जाता हैं | छोटी तीज का व्रत स्त्रिया व कंवारी कन्याये के लिए बहुत खास हैं क्यों की इस दिन माँ पार्वती और महादेव का पूजन किया जाता हैं | अखंड सौभाग्य व् उत्तम वर [ पति ] की आशीष प्रदान करते हैं |  [ नाग पंचमी व्रत कथा ] छोटी तीज के दो दिन बाद नाग पंचमी का त्यौहार मनाया जाता हैं | महिलाये व कन्याये एक दिन पूर्व ही मेहँदी , सिर धोना , पकवान बनाना झूले झुलना मधुर गीत गाना आदि तैयारिया कर लेती हैं इस दिन को सिंजारा के नाम से जानते हैं |

हरियाली तीज 2020

23 जुलाई

तृतीया तिथि – बृहस्पतिवार , 23 जुलाई 2020

तृतीया तिथि प्रारंभ – 07:21 बजे (22 जुलाई 2020 ) से

तृतीया तिथि समाप्त – 05:02 बजे (23 जुलाई 2020 ) तक

छोटी तीज के दिन महिलाये सोलह सृंगार कर नये रंग रंगीले वस्त्र धारण करती हैं | भींगी फुहारों में झुला झूलती हैं | इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य , मनचाहा वर तथा सम्पूर्ण कामनाओं को सिद्ध करने वाले श्रेष्ठ गृहस्थ सुख की प्राप्ति होती हैं और जीवन के अंत में उन्हें इच्छानुसार विष्णु एवं शिव लोक में स्थान प्राप्त होता हैं |  इस वर्ष छोटी तीज 13 अगस्त सोमवार को मनाई जाएगी |मंगला गौरी व्रत विधि , व्रत कथा 

हरियाली तीज व्रत , छोटी तीज व्रत कथा

 लिंग महापुराण के अनुसार भगवान शिव पार्वती जी को पूर्व जन्म के बारे में याद दिलाने के लिए पूर्व जन्म की बाते पार्वती जी को सुनते हैं | महादेव कहते हैं की हे पार्वती ! पूर्व जन्म में तुमने हिमालय पर मुझे पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप किया था | हे पार्वती ! तुमने अन्न जल का त्याग केवल हवा को ही आहार रूप में ग्रहण किया थ | पार्वती तुम्हारे पिता को ये सब देख कर अत्यधिक दुःख हुआ | तभी कुछ समय पश्चात नारद मुनि आये तब तुम्हारे पिता ने आने का कारण पूछा – हे गिरिराज मैं श्री विष्णु के भेजने पर संदेश लेकर आया हूँ आपकी पुत्री की घोर तपस्या से अत्यंत प्रसन्न हैं और पार्वती से विवाह करना चाहते हैं | यह जान आपके पिता प्रसन्न हुए और उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार क्र लिया | परन्तु जब आपको [ पार्वती ] यह ज्ञात हुआ तो आप अत्यंत दुखी हुई क्यों की आप मुझे [ शिवजी ] को पति मान चुकी थी |

यह सारा व्रतान्त आपने अपनी सहेली को बताया और सहेली की मदद से घोर जंगल  में रेत का शिवलिंग बनाया और पूजन करने लगी उस दिन हरियाली तीज थी आपकी तपस्या से प्रसन्न होकर मैंने आपको पत्नी रूप में स्वीकार किया |

मैंने [ शिवजी ] ने आपको वरदान दिया की आपके घोर तप के कारण ही यह सम्भव हो पाया हैं अत: आज के दिन [ हरियाली तीज ] जो भी श्रद्धा व भक्ति से हरियाली तीज का व्रत व पूजन करेगा उसकी सभी मनोकामनाए पूर्ण हो जाएगी | इस वर्ष हरियाली तीज सोमवार होने के कारण सोमवार व्रत की कथा अवश्य सुने एवं सोलह सोमवार के व्रत करने के लिए बहुत शुभ माना गया हैं | [ सोलह सोमवार व्रत कथा व्रत विधि ] [ सोलह सोमवार व्रत व  कथा श्रवण व  विधि पूर्वक पूजन से माँ पार्वती महादेव समस्त मनोकामनाए पूर्ण करते  हैं | अखंड सोभाग्य का प्रतीक रूप [ नाग पंचमी व्रत कथा- शिव एवं नाग पूजन का त्यौहार  ] हरियाली तीज हैं |  [श्रावण मास का धार्मिक महत्त्व ]    

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