Category: उपवास

सातुडी तीज [ कजली तीज ] बड़ी तीज व्रत की चार कहानीया 2020 | Kajli Teej Vrat Ki Char Kahaniya 2020

  06 अगस्त 2020 गुरुवार [बृहस्पतिवार ]   सातुडी तीज [ कजली तीज , बड़ी तीज ] व्रत की कहानी 1 एक साहुकार था | उसके सात बेटे थे | साहूकार का छोटा बेटा वेश्यागामी था | उसकी पत्नी अपनी जेठानियो के यहाँ घर का काम करके अपना गुजारा करती थी | भादवे के महीने […]

श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा , व्रत पूजन विधि , महत्त्व 2020 | Shree Krishna Janmashtami Vrat Katha , Vrat Pujan Vidhi , Mahattv2020

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्त्व Shree Krishna Janmashtami Mahattv जन्माष्टमी 2020 11 अगस्त निशिथ पूजा– 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 48मिनट पारण– 11बजकर 15मिनट  (12 अगस्त) के बाद रोहिणी समाप्त- रोहिणी नक्षत्र रहित जन्माष्टमी अष्टमी तिथि आरंभ – 09बजकर 06 मिनट (12 अगस्त) अष्टमी तिथि समाप्त – 11बजकर 15मिनट  (12 अगस्त) श्री कृष्ण […]

देवशयनी एकादशी व्रत , पूजा विधि ,पौराणिक कथा 2020 | Dev Shayani Ekadashi Vrat , Puja Vidhi , Pouranik Katha 2020

देवशयनी एकादशी व्रत , पूजा विधि ,पौराणिक कथा Dev Shayani Ekadashi Vrat , Puja Vidhi , Pouranik Katha 01 जुलाई बुधवार 2020  आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता हैं | भगवान सूर्य के मिथुन राशि में आने पर भगवान श्री हरिविष्णु को शयन करा दे | तुला राशि में सूर्य […]

हनुमान जयंती 2020 महत्त्व |Importance Of Hanuman Jayanti 2020

हनुमान जयंती 2020 महत्त्व सम्पूर्ण संसार में श्री हनुमान जी की उपासना अत्यंत व्यापक रूप में की  जाती हैं | भगवान बजरंगबलि को कलियुग का प्रमुख देवता हैं | हनुमान जी भगवान शंकर के ग्यारहवे रूद्र अवतार है | चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि इस वर्ष 8 अप्रेल बुधवार  का शुभ दिन भगवान बजरंग बलि […]

षष्टि देवी की कथा और षष्टि देवी स्तोत्रम | Shshti Devi Katha Aur Shshti Devi Stotram

षष्टि देवी की कथा | Shshti Devi Katha प्रियव्रत नाम के एक राजा थे |उनके पिता का नाम स्वायम्भुव मनु था | कश्यपजी ने उनसे पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया | राजा की भार्या का नाम मालिनी था | कश्यप मुनि ने उन्हें चरु प्रदान किया | चरु प्रसाद का सेवन करने के बाद मालिनी गर्भवती हो गई […]

आमल की एकादशी [ फाल्गुन मास ] Aamal Ki Ekadashi [ Phalagun Maas ]

आमल की एकादशी [ फाल्गुन मास ] युधिष्ठर ने पूछा – स्वामी !  फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम हैं ? उसकी क्या विधि हैं तथा इस दिन किसकी पूजा की जाती हैं ? तथा उससे किस फल की प्राप्ति होती हैं ? यह बतलाइए | भगवान वासुदेव ने कहा – हे राजन […]

Back To Top