चालीसा संग्रह

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  ।। श्री दुर्गायै नम: ।। श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्   ईश्वर उवाच  शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती ।। १।। ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी…

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अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga शिव उचाव देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी। कलौ हि कार्यसिद्धयर्थमुपायं ब्रूहि यत्रतः॥ देच्युवाच श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम्‌। मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते॥ ॐ…

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महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |  उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् || अन्वय : – ॐ  सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् त्र्यम्बकं यजामहे…

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संकटमोचन हनुमानाष्टक Sankatmochan Hanumanashtak संकटमोचन हनुमानाष्टक में वीर बजरंग बलि की महिमा का वर्णन किया गया है | बाल्यकाल से ही मेरे प्रभु ने बहुत चमत्कार किये हैं | उन्होंने…

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श्री हनुमान चालीसा श्री हनुमान चालीसा तुलसीदास  जी की अवधि में लिखी एक काव्यात्मक कृति हैं | जिसमें श्री राम के निराले भक्त हनुमान जी भगवान के गुणों व कार्यो…

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 श्री विंधेश्वरी चालीसा || दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥ || चौपाई || जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति…

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धर्मराज जी की परम भक्त पोपा बाई की कथा| popa baai ki katha| dhamraj ji ki bhakat popa baai एक गाँव में एक पोपा बाई रहती थी |  जब वह…

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