व्रत में पालन करने योग्य आवश्यक नियम || Vrat-Me-Palan-Karne-Yogay-Niyam

 

व्रत में जरूर करना चाहिए इन नियमों का पालन || व्रत में पालन करने योग्य आवश्यक नियम || यदि आप व्रत कर रहे हैं तो आपके लिए यह जानना हैं आवश्यक ||

व्रत – शास्त्रों में दिए गये नियमो का पालन ही व्रत हैं | और वही तप हैं व्रत में पालन करने योग्य आवश्यक एवं सामान्य नियम –  

  • व्रती को तीनों संध्याओ में स्नान करना चाहिए |
  • नियमपूर्वक विधि विधान से पूजन करना चाहिए |
  • बार बार जलपान करना वर्जित हैं |
  • दिन में शयन करना वर्जित हैं |
  • धार्मिक कार्यों में मन लगाए |
  • घर अकेला न छोड़े बाहर का कुछ भी नहीं खाए |
  • तामसिक भोजन से परहेज करें |
  • व्रत के दौरान गुस्सा न करे |
  • मन में सम्पूर्ण दिवस अपने आराध्य का ध्यान करते रहना चाहिए |
  • चौबीस घंटों में एक बार भोजन करना चाहिए |
  • पराई निंदा नहीं करना चाहिए
  • व्रती को अपने इष्ट का ध्यान करते हुए भूमि पर शयन करना चाहिए |
  • व्रत में पालनीय दस सामान्य धर्म –
  • क्षमा
  • सत्यं
  • दया
  • दानं
  • शौच
  • इन्द्रियनिग्रह
  • देवपूजा
  • हवन
  • संतोष
  • चोरी न करना
  • क्रोध , प्रमाद अथवा लोभ करने से व्रती का व्रत भंग हो जाता हैं |
  • यदि व्रत प्रारम्भ करने के पश्चात व्रत काल में ही स्त्रियाँ रजस्वला हो जाये तो उससे उनका व्रत नष्ट नहीं होता हैं इस समय में उन्हें दान – पूजा आदि कार्य किसी अन्य से करवा ले और व्रत उपवास स्वयं कर ले |

 

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