माघ मास [माघ स्नान ] की कथा

स्कन्ध पुराण के रेवा खण्ड में माघ स्नान की कथा का उल्लेख में आया हैं की प्राचीन काल में नर्मदा तट पर शुभव्रत नामक ब्राह्मण निवास करते थे | वे गुणी विद्धवान थे |किन्तु उनका स्वभाव धन संग्रह करने का था | उन्होंने धन तो बहुत संग्रह किया | वृद्धवस्था के दौरान उन्हें अनेक रोगों […]

माघ स्नान – विधि , पौराणिक महत्त्व

    इस मास  में मनुष्यों को स्नान कर्म में शिथिलता रहती हैं ,फिर भी माघ स्नान का विशेष फल होने से इसकी विधि का वर्णन कर रहा हूँ | जिसके हाथ , पाँव , वाणी , मन अच्छी तरह संयत हैं और जों विद्धा , तप तथा कीर्ति से समन्वित हैं ,उन्हें ही तीर्थ […]

आरती रामचन्द्र जी की

आरती कीजै श्रीरघुवर की , सत चित आनन्द शिव सुन्दर की || दशरथ तनय कौसिला नन्दन , सुर मुनि रक्षक दैत्य निकंदन | अनुगत भक्त , भक्त – उर चन्दन | मर्यादा पुरुषोतम वर की | निर्गुण सगुण , अरूप रुपनिधि , सकल लोक वदित विभिन्न विधि | हरण शोक – भय दायक सब सिधि […]

आशादशमी व्रत कथा एवं व्रत विधि

प्राचीन काल में निषद देश में नल नाम के एक राजा थे | उनके भाई घुत में जब उन्हें पराजित के दिया , तब नल अपनी भार्या दमयन्ती के साथ राज्य से बाहर चले गये | वे प्रतिदिन एक वन से दुसरे वन में भ्रमण करते रहते थे , केवल जल मात्र से ही अपना […]

आरती सरस्वती जी की

सरस्वती का श्री विग्रह शुक्ल वर्ण हैं | ये परम् सुन्दरी देवी सदा हंसती रहती हैं | इनके एक हाथ में वीणा हैं और दुसरे में पुस्तक | जों भगवती सरस्वती को अपना इष्ट मानते हैं , उनके लिये यह नित्य क्रिया हैं| ‘श्रीं हीं सरस्वत्यै स्वाहा ‘  ये वैदिक अष्टाक्षर मूल मन्त्र परम् श्रेष्ट […]

आरती महालक्ष्मी जी की |

ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता | तुमको निशिदिन सेवत , हर विष्णु विधाता || ॐ जय ….  उमा रमा ब्रह्माणी , तुम ही जग माता | सूर्य चन्द्रमा ध्यावत , नारद ऋषि गाता || ॐ जय….. दुर्गा रूप निरंजनी , सुख़ सम्पती दाता | जों कोई तुमको ध्यावत  , रिद्धि – […]

वैभवलक्ष्मी व्रत कथा [शुक्रवार को किया जाने वाला व्रत ]

माँ लक्ष्मीदेवी को प्रसन्न करने वाला अदभुत चमत्कारिक सुख़ , सम्पति और शान्ति देने वाला  वैभव लक्ष्मी व्रत यह व्रत शीघ्र फल दाई हैं | किन्तु फल न मिले तो तिन माह के बाद इस व्रत को फिर से शुरू करना चाहिये और जब तक मनवांछित फल न मिले तब तक यह व्रत तीन  तीन […]

आरती माँ पार्वती जी की

 वन्दना  सर्व मंगल मांगलेय शिवे सर्वार्थ साधिके , शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते ,  शरणागत दीनार्त परित्राण परायने , शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते |      आरती पार्वतीजी की जय पार्वती माता जय पार्वती माता , ब्रह्म सनातन दाता शुभ फल की दाता | जय .. अरिकुल पद्दम विनासिन निज सेवक त्राता , जग जननी […]

तुलसी जी का गीत

हाजीरामा ल्याओ न तुलसी रो बिड्लो ज्या घर धर्म घणेरो || टेर || हाजी रामा श्रावण में तो बीज बिखेरी भादुड़े द्योए पानी | आसोजां में घेर घुमेरा , कार्तिक में ब्याह रचावो || बाबुल पूछे सुण म्हारी तुलसी , किसीया वर थारे ढूढा || सूरज किरण तेज तपक तो चन्दा ज्यो शीतल होय || […]

तुलसी जी का गीत

महाप्रसाद जननी , सर्व सौभाग्यवर्धनि  आधि व्याधि हरा नित्यं , तुलसी त्वं नमोस्तुते ||   तुलसी माता गीत  तुलसा ये महाराणी नमो नम: हर की पटरानी ये नमो नम || कुणसा महीना में बाई राणी तुलसा कुणसा महिना म हुई हरियाली || १ || कुणसा महीना में हुई थारी पूजा कुणसा महिना में हुई पटरानी […]

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