Category: चालीसा संग्रह

आरती बजरंग बलि [ हनुमान जी ] की | Aarti Bajrang Bali Ji Ki

  यत्र तत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्त कान्ज्जलिम | वाष्पवारीपरिपूर्णलोचनं मारुतिंनमत राक्षसान्तकम ||      आरती         बजरंग बली आरती कीजै हनुमान लला की | दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | जाके बल से गिरिवर कांपै | रोग – दौष जाके निकट न झांके || अंजनी     पुत्र       महा    बलदाई  […]

|| शिव चालीसा || || Shiv Chalisa ||

कपूरगौरं  करुणावतारं  संसारसारं  भुजगेन्द्रहारं | सदा वसन्तं हृद्यारविन्दे भवं भवामीसहितं नमामि |  || शिव चालीसा || दोहा – जय गणेश गिरजा सुवन , मंगल मूल सुजान |       कहत अयोध्यादास अब , देउ अभय वरदान || शिवजी की आरती पढने के लिए यहाँ क्लिक करे     चौपाई जय गिरजा पति दीन दयाला | सदा करत […]

श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् |SHREE DURGAASHTOTTARA SHATNAMA STOTRAM

  ।। श्री दुर्गायै नम: ।। श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्   ईश्वर उवाच  शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती ।। १।। ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। २।। पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः । मनो बुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चितिः ।। ३।। सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्द स्वरूपिणी […]

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga mata bhakti

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga शिव उचाव देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी। कलौ हि कार्यसिद्धयर्थमुपायं ब्रूहि यत्रतः॥ देच्युवाच श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम्‌। मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते॥ ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमन्त्रस्य नारायण  ऋषिः अनुष्टप्‌ छन्दः, श्रीमह्मकाली महालक्ष्मी  महासरस्वत्यो देवताः, श्रीदुर्गाप्रीत्यर्थं सप्तश्लोकीदुर्गापाठे विनियोगः।   ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया […]

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |  उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् || अन्वय : – ॐ  सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् त्र्यम्बकं यजामहे मृत्यो र्मुक्षीय  बन्धनान् उर्वारुकमिव अमृतात्  मा मुक्षीय || वेदार्थ :- ॐ सुगन्धिं – दिव्यगंध से युक्त मृत्य धर्म हिन उभ्यलोको के फलदाता पुष्टिवर्धनम् :- धन्धान्यादी […]

Shree Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम

Shree  Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम भगवान श्री कृष्ण के सहस्त्र नाम हैं उन्हीं में से उनके गोपाल नाम की महिमा अपरम्पार हैं श्री गोपाल सहस्त्र नाम का नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाए पूर्ण हो जाती हैं | इसके पाठ करने से प्राणी इस लोक में सांसारिक सुखो को भोगकर अंत में […]

श्री सरस्वती चालीसा Saraswati Chalisa

श्री सरस्वती चालीसा || दोहा || जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ || चौपाई || जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस […]

शिव ताण्डव स्तोत्र [रावण द्वारा विरचित भगवान शिव की स्तुति] Shiv Tanadv Stotram

शिव ताण्डव स्तोत्र [रावण द्वारा विरचित भगवान शिव की स्तुति] Shiv Tanadv Stotram अत्यंत कल्याणकारी चमत्कारी शिव तांडव स्तोत्र   परम शिवभक्त लंकाधिपति रावण द्वारा रचित हैं  |शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित हैं | ये भगवान शिव के परम भक्त लंकापति रावण द्वारा की गई विशेष स्तुति हैं | शिव तांडव स्तोत्र से स्तुति […]

भैरव चालीसा | Bhairav Chalisa

भैरव चालीसा दोहा श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ | चालीसा वन्दन करो श्री शिव भैरवनाथ || श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल | श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल || जय जय श्री काली के लाला | जयति जयति काशी कुतवाला || जयति बटुक भैरव भी हारी | जयति […]

श्री शनि देव चालीसा | Shree Shani Dev Chalisa

भगवान शनि देव के मन्त्र : — ॐ शं शनैस्र्च्राय नम: ॐ भगभवाय विद्मेह मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनि प्रचोदयात , ॐ सूर्य पुत्राय नम:       श्री शनि देव चालीसा | Shree Shani Dev Chalisa  || स्तुति ||  ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आहो भवन्तु पीतये | शं योरभि: स्त्रवन्तु न: ||   जय गणेश गिरिजा सुवन , मंगल […]

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