Category: चालीसा संग्रह

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108 रामायण मनका 108 का घर के सभी सदस्य नित्यकर्म से निर्वत होकर घर में मंगलवार व शनिवार को या प्रतिदिन सस्वर वाचन [ पाठ ] करने से सभी मनोकामनाये पूर्ण हो जाती हैं | परिवार में सुख शांति , आपसी सामंजस्य , अपार प्रभु श्री राम की कृपा […]

श्री संतोषी माता की चालीसा | Shree Santoshi Mata Ki Chalisa

श्री संतोषी माता की चालीसा दोहा बन्दौ सन्तोषी चरण रिद्धि सिद्धि दातार | ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार || भक्तन को सन्तोष दे सन्तोषी तव नाम | कृपा करहु जगदम्ब अब आया तेरे धाम || जयं सन्तोषी माता अनुपम शान्ति दायनी रूप मनोरम || सुन्दर चरण चतुर्भुज रूपा | वेश मनोहर […]

|| दुर्गा चालीसा || Shree Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा || Shree Durga Chalisa श्री दुर्गा चालीसा का  नित्य पाठ करने मात्र से ही अदभुद सुख़  एवं मनवांछित फल  की प्राप्ति होती हैं | जीवन में जों भी कामना की हो पूर्ण हो जाती हैं | परम् कल्याण और उल्लास की स्वरूपा माँ भगवती को नवरात्रि के नौ दिन अत्यंत प्रिय हैं | […]

श्री गणेश चालीसा | Shree Ganesh Chalisa

श्री गणेश चालीसा || दोहा || जय गणपति सद्गुण सदन , करि वर बदन कृपाल | विघ्न हरण मंगल करण , जय जय गिरिजालाल || || चौपाई || जय जय गणपति गणराजू | मंगल भरण करण शुभ काजू || जब गज वन्दन सदन सुख दाता | विश्व विनायक बुद्धि विधाता || वक्र तुंड शुचि शुण्ड […]

संकटमोचन हनुमानाष्टक Sankatmochan Hanumanashtak

संकटमोचन हनुमानाष्टक Sankatmochan Hanumanashtak संकटमोचन हनुमानाष्टक में वीर बजरंग बलि की महिमा का वर्णन किया गया है | बाल्यकाल से ही मेरे प्रभु ने बहुत चमत्कार किये हैं | उन्होंने सूर्य को लाल फल समझ कर खा लिया था पुरे जग में अँधेरा छाँ गया था ,  सभी देवताओने हनुमान जी से प्रार्थना करी की […]

श्री हनुमान चालीसा | Shree Hanuman chalisa

श्री हनुमान चालीसा तुलसीदास  जी की अवधि में लिखी एक काव्यात्मक कृति हैं | जिसमें श्री राम के निराले भक्त हनुमान जी भगवान के गुणों व कार्यो का चालीस चौपाईयो में वर्णन किया गया हैं |  यत्र      यत्र      रघुनाथकीर्तनं          तत्र तत्र कृतमस्त कान्जलिम | वाष्पवारिपरिपूर्णलोचनं          मारुति नमत राक्षसान्तकम ||   श्री हनुमान चालीसा […]

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा Vindheshwari Chalisa in Hindi

 श्री विंधेश्वरी चालीसा || दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥ || चौपाई || जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जगबिदित भवानी॥ सिंह वाहिनी जय जगमाता। जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता॥ कष्ट निवारिनि जय जग देवी। जय जय संत असुर सुरसेवी॥ महिमा अमित अपार तुम्हारी। […]

धर्मराज जी की परम भक्त पोपा बाई की कथा | popa baai ki katha | dharmraj ji ki bhakat popa baai

धर्मराज जी की परम भक्त पोपा बाई की कथा| popa baai ki katha| dhamraj ji ki bhakat popa baai एक गाँव में एक पोपा बाई रहती थी |  जब वह पाचं साल की थी तभी से वह नियम से धर्मराज जी व्रत की कथा सुनती थी और व्रत करती थी | एक दिन उसने अपने […]

श्री बंजरंग बाण | Shree Bajrang Baan

बंजरंग बाण  || दोहा || निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ , सिद्ध करैं हनुमान॥ चौपाई जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाई लंकिनी रोका। मारेहु […]

आरती बजरंग बलि [ हनुमान जी ] की | Aarti Bajrang Bali Ji Ki

  यत्र तत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्त कान्ज्जलिम | वाष्पवारीपरिपूर्णलोचनं मारुतिंनमत राक्षसान्तकम ||      आरती         बजरंग बली आरती कीजै हनुमान लला की | दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | जाके बल से गिरिवर कांपै | रोग – दौष जाके निकट न झांके || अंजनी     पुत्र       महा    बलदाई  […]

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