Category: चालीसा संग्रह

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा Vindheshwari Chalisa in Hindi

 श्री विंधेश्वरी चालीसा || दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥ || चौपाई || जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जगबिदित भवानी॥ सिंह वाहिनी जय जगमाता। जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता॥ कष्ट निवारिनि जय जग देवी। जय जय संत असुर सुरसेवी॥ महिमा अमित अपार तुम्हारी। […]

धर्मराज जी की परम भक्त पोपा बाई की कथा | popa baai ki katha | dharmraj ji ki bhakat popa baai

धर्मराज जी की परम भक्त पोपा बाई की कथा| popa baai ki katha| dhamraj ji ki bhakat popa baai एक गाँव में एक पोपा बाई रहती थी |  जब वह पाचं साल की थी तभी से वह नियम से धर्मराज जी व्रत की कथा सुनती थी और व्रत करती थी | एक दिन उसने अपने […]

आरती बजरंग बलि [ हनुमान जी ] की | Aarti Bajrang Bali Ji Ki

  यत्र तत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्त कान्ज्जलिम | वाष्पवारीपरिपूर्णलोचनं मारुतिंनमत राक्षसान्तकम ||      आरती         बजरंग बली आरती कीजै हनुमान लला की | दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | जाके बल से गिरिवर कांपै | रोग – दौष जाके निकट न झांके || अंजनी     पुत्र       महा    बलदाई  […]

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108 रामायण मनका 108 का घर के सभी सदस्य नित्यकर्म से निर्वत होकर घर में मंगलवार व शनिवार को या प्रतिदिन सस्वर वाचन [ पाठ ] करने से सभी मनोकामनाये पूर्ण हो जाती हैं | परिवार में सुख शांति , आपसी सामंजस्य , अपार प्रभु श्री राम की कृपा […]

श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् |SHREE DURGAASHTOTTARA SHATNAMA STOTRAM

  ।। श्री दुर्गायै नम: ।। श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्   ईश्वर उवाच  शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती ।। १।। ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। २।। पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः । मनो बुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चितिः ।। ३।। सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्द स्वरूपिणी […]

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga शिव उचाव देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी। कलौ हि कार्यसिद्धयर्थमुपायं ब्रूहि यत्रतः॥ देच्युवाच श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम्‌। मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते॥ ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमन्त्रस्य नारायण  ऋषिः अनुष्टप्‌ छन्दः, श्रीमह्मकाली महालक्ष्मी  महासरस्वत्यो देवताः, श्रीदुर्गाप्रीत्यर्थं सप्तश्लोकीदुर्गापाठे विनियोगः।   ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया […]

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |  उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् || अन्वय : – ॐ  सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् त्र्यम्बकं यजामहे मृत्यो र्मुक्षीय  बन्धनान् उर्वारुकमिव अमृतात्  मा मुक्षीय || वेदार्थ :- ॐ सुगन्धिं – दिव्यगंध से युक्त मृत्य धर्म हिन उभ्यलोको के फलदाता पुष्टिवर्धनम् :- धन्धान्यादी […]

श्री बंजरंग बाण | Shree Bajrang Baan

बंजरंग बाण  || दोहा || निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ , सिद्ध करैं हनुमान॥ चौपाई जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाई लंकिनी रोका। मारेहु […]

Shree Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम

Shree  Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम भगवान श्री कृष्ण के सहस्त्र नाम हैं उन्हीं में से उनके गोपाल नाम की महिमा अपरम्पार हैं श्री गोपाल सहस्त्र नाम का नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाए पूर्ण हो जाती हैं | इसके पाठ करने से प्राणी इस लोक में सांसारिक सुखो को भोगकर अंत में […]

श्री सरस्वती चालीसा Saraswati Chalisa

श्री सरस्वती चालीसा || दोहा || जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ || चौपाई || जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस […]

Back To Top