Category Archives: चालीसा संग्रह

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108

By | September 23, 2020

रामायण मनका 108 | Ramayan Manka 108 रामायण मनका 108 का घर के सभी सदस्य नित्यकर्म से निर्वत होकर घर में मंगलवार व शनिवार को या प्रतिदिन सस्वर वाचन [ पाठ ] करने से सभी मनोकामनाये पूर्ण हो जाती हैं | परिवार में सुख शांति , आपसी सामंजस्य , अपार प्रभु श्री राम की कृपा… Read More »

श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् |SHREE DURGAASHTOTTARA SHATNAMA STOTRAM

By | April 21, 2020

  ।। श्री दुर्गायै नम: ।। श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्   ईश्वर उवाच  शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने । यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती ।। १।। ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। २।। पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः । मनो बुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चितिः ।। ३।। सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्द स्वरूपिणी… Read More »

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga

By | April 4, 2020

अथ सप्तश्लोकी दुर्गा | Ath Shree Saptshloki Durga शिव उचाव देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी। कलौ हि कार्यसिद्धयर्थमुपायं ब्रूहि यत्रतः॥ देच्युवाच श्रृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम्‌। मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते॥ ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमन्त्रस्य नारायण  ऋषिः अनुष्टप्‌ छन्दः, श्रीमह्मकाली महालक्ष्मी  महासरस्वत्यो देवताः, श्रीदुर्गाप्रीत्यर्थं सप्तश्लोकीदुर्गापाठे विनियोगः।   ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवि भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया… Read More »

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra

By | April 3, 2020

महामृत्युंजय मन्त्र का भावार्थ Hindi meaning of the Maha Mritunjay Mantra ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |  उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् || अन्वय : – ॐ  सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् त्र्यम्बकं यजामहे मृत्यो र्मुक्षीय  बन्धनान् उर्वारुकमिव अमृतात्  मा मुक्षीय || वेदार्थ :- ॐ सुगन्धिं – दिव्यगंध से युक्त मृत्य धर्म हिन उभ्यलोको के फलदाता पुष्टिवर्धनम् :- धन्धान्यादी… Read More »

श्री बंजरंग बाण | Shree Bajrang Baan

By | January 12, 2020

बंजरंग बाण  || दोहा || निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ , सिद्ध करैं हनुमान॥ चौपाई जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाई लंकिनी रोका। मारेहु… Read More »

Shree Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम

By | December 20, 2019

Shree  Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम भगवान श्री कृष्ण के सहस्त्र नाम हैं उन्हीं में से उनके गोपाल नाम की महिमा अपरम्पार हैं श्री गोपाल सहस्त्र नाम का नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाए पूर्ण हो जाती हैं | इसके पाठ करने से प्राणी इस लोक में सांसारिक सुखो को भोगकर अंत में… Read More »

श्री सरस्वती चालीसा Saraswati Chalisa

By | January 8, 2020

श्री सरस्वती चालीसा || दोहा || जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ || चौपाई || जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस… Read More »

शिव ताण्डव स्तोत्र [रावण द्वारा विरचित भगवान शिव की स्तुति] Shiv Tanadv Stotram

By | July 24, 2019

अत्यंत कल्याणकारी चमत्कारी शिव तांडव स्तोत्र   परम शिवभक्त लंकाधिपति रावण द्वारा रचित हैं  |शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित हैं | ये भगवान शिव के परम भक्त लंकापति रावण द्वारा की गई विशेष स्तुति हैं | शिव तांडव स्तोत्र से स्तुति कर लंकापति रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न किया था | शिव तांडव… Read More »

शिवाष्टकं स्तोत्र | Shivashtakam Stotra

By | July 20, 2019

शिवाष्टकं स्तोत्र  Shivashtakam Stotra प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम् । भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 1 ॥   गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकाल कालं गणेशादि पालम् । जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै र्विशालं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 2॥ मुदामाकरं मण्डनं मण्डयन्तं महा मण्डलं भस्म भूषाधरं तम् । अनादिं ह्यपारं महा मोहमारं,… Read More »

भैरव चालीसा | Bhairav Chalisa

By | June 15, 2019

भैरव चालीसा दोहा श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ | चालीसा वन्दन करो श्री शिव भैरवनाथ || श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल | श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल || जय जय श्री काली के लाला | जयति जयति काशी कुतवाला || जयति बटुक भैरव भी हारी | जयति… Read More »