गणेश चतुर्थी 2019 वैदिक विधि से पूजन , शुभ मुहूर्त | Bhagwan Ganesh Vedaik Pujan Vidhi , Shubh Muhurt 2019

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Last updated on August 31st, 2019 at 02:55 pm

प्रथम पूज्य गजानंद भगवान गणेश जी के पूजन का शुभ मुहूर्त

 इस वर्ष गणेश चतुर्थी 2 सितम्बर सोमवार2019  को हैं |

शुभ पूजन मुहर्त :- गणेश चतुर्थी आरम्भ – 04 बजकर 56 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त 01बजकर  53मिनट  [ 3 सितम्बर 2019 तक

अभिजित मुहूर्त – 11 बजकर 05 मिनट से 01 बजकर 36 मिनट तक

विशेष मुहूर्त :- अमृत चौघडिया – प्रात : 6 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक हैं |

शुभ चौघडिया :- प्रात : – 9 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक

लाभ चौघडिया – दोपहर बाद 3 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 0 9 मिनट तक हैं |

प्रथम पूज्य गजानंद भगवान गणेश जी की पूजन विधि :-

 

Bhagwan Ganesh Vedaik Pujan Vidhi

हाथ में अक्षत , पुष्प लेकर  भगवान गणेश जी का  ध्यान करे

 भगवान गणेश का ध्यान करते हुए यह मन्त्र बोले –

गजाननं भुतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारूभक्षणम |

उमासुतं शौकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम ||

भगवान गणेश जी का आवाहन –

भगवान गणेश जी के आवाहन अर्थात भगवान को पूजा में बुलाना

ॐ गणानां तवा गणपति –“ हवामहे त्रियाणा तवा प्रियपति “ – हवामहे निधीनां तवा निधिपति –“ हवामहे वसो मम | आहमजानि गर्भधमात्वम जासि गर्भधम || { यजुर्वेद २३ |११ }

ॐ भूभुर्व: स्व: सिद्धिबुद्धिसहिताय गणपतये नम:

गणपतिमावाहयामी , स्थापयामि , पूजयामि च |

हाथ के अक्षत , पुष्प गणेश जी भगवान को अर्पित करे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

सुप्रतिष्ठो वरदो भव ||

आसन समर्पण –

हाथ में अक्षत , पुष्प लेकर भगवान गणेश को आसन प्रदान करे

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

आसन समर्पयामि ||

हाथ के अक्षत समर्पित करे |

चरण प्रक्षालन

आसन समर्पण के पश्चात निम्नलिखित मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश के चरण धोने हेतु जल समर्पित करे |

ॐ देवस्य त्वा सवितु: प्रसवेअशिवनोंबार्हुभ्यां पूष्णो हस्ताभ्याम ||  { यजु० १ | १० }

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

पादयो: पाद्यम समर्पयामि ||

 

अर्ध्य समर्पण

 निम्न मन्त्र को पढ़ते हुए भगवान को दूध मिश्रित जल समर्पित करे |

ॐ पय: पृथ्वयां पय ओषधिषु पयो दिव्यंन्तरिक्षे पयो धा: |

पयस्तवी:  प्रदिश: सन्तु: मह्यम् || यजु ० १८ | ३६ }

आचमन समर्पयामि –

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 मुखे आचमनियं जलं समर्पयामि ||

पंचामृत स्नानम् –

जल से स्नान के पश्चात मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश जी को पंचामृत से स्नान करवाये |

पंचामृतं मयानीतं पयो दधि घृतं मधु |

शर्करया समायुक्तं स्नानार्थ प्रतिगृहंताम ||

दुग्ध स्नान –

पंचामृत स्नान के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुये भगवान गणेश को दुग्ध स्नान करवाए

ॐ पय: पृथ्वयां पय ओषधिषु पयो दिव्यंन्तरिक्षे पयो धा: |

पयस्तवी:  प्रदिश: सन्तु: मह्यम् || यजु ० १८ | ३६ }

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

पय: स्नानं समर्पयामि ||

दधि स्नान –

दुग्ध स्नान के बाद निम्न मन्त्र को पढ़ते हुए भगवान गणेशजी  को दधि स्नान करवाए |

ॐ दधिक्रावर्णों आकारिवं जिष्णोर्श्वव्स्य वाजिन: |

सुरभि नो मुखा करत्पर्ण आयु रे  षी तारिषत् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

दधिस्नानं समर्पयामि ||

घृत स्नानं –

दधि स्नान के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को घृत [ घी ] से स्नान करवाए |

नवनीतसमुत्पन्न     सर्वसंतोषकारकम् |

घृतं तुभ्यं प्रदास्यामि स्नानार्थ प्रतिगृहमताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

घृतस्नानं समर्पयामि ||

मधु स्नान –

घृत स्नानं के बाद भगवान गणेश को निम्न मन्त्र पढ़ते हुए मधु स्नान करवाये |

पुष्परेणसमुद्धुतं सुस्वादु मधुरं मधु |

तेज: पुष्टिकरं दिव्यं स्नानार्थ प्रतिगृहयताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

मधुस्नानं समर्पयामि ||

शर्करास्नान –

मधु स्नान के बाद भगवान गणेश को निम्न मन्त्र बोलते हुए शर्करा स्नान करवाये |

इक्षुरससमुद्धुतां शर्करा पुष्टिदां शुभाम् |

मलापहारिकां दिव्यां स्नानार्थ प्रतिगृहयताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

शर्करास्नानं समर्पयामि ||

पंचामृत स्नानम् –

जल से स्नान के पश्चात मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश जी को पंचामृत से स्नान करवाये |

पंचामृतं मयानीतं पयो दधि घृतं मधु |

शर्करया समायुक्तं स्नानार्थ प्रतिगृहंताम ||

शुद्ध जल स्नान

स्नान [ शुद्ध जल से स्नान कराये ] निम्न मन्त्र को पढ़ते हुए भगवान गणेश को शुद्ध जल से स्नान करवाए |

गंगा यमुना चैव गोदावरी सरस्वती |

नर्मदा सिन्धु: कावेरी स्नानार्थ प्रतिगृह्य्ताम ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

शुद्धोदकस्नानं समर्पयामि ||

आचमन समर्पयामि –

शद्धोद्क स्नान के बाद आचमन के लिए जल समर्पित करे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 मुखे आचमनियं जलं समर्पयामि ||

वस्त्रसमर्पयामि –

आचमन के बाद भगवान गणेश को वस्त्र समर्पित करे |

शीतवातोषणसन्त्राण लज्जाया रक्षणे परम् |

देहालकरण वस्त्रमत: शान्तिं प्रयच्छ में ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 वस्त्रं समर्पयामि ||

 आचमन –

वस्त्र समर्पित करने के बाद आचमन के लिए भगवान गणेश को जल समर्पित करे |

उपवस्त्र समर्पयामि –

आचमन के बाद निम्न मन्त्र को पढ़ते हुए भगवान गणेश को उपवस्त्र समर्पित करे |

यस्याभावेन शास्त्रोक्तं कर्म किन्चिन सिध्यति |

उपवस्त्रं प्रयच्छामि सर्वकर्मोकारकम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 उपवस्त्रं रक्तसूत्रम्  समर्पयामि ||

आचमन –

उपवस्त्र के बाद आचमन के लिए जल समर्पित करे |

यज्ञोपवीत समर्पयामि –

आचमन के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को यज्ञोपवीत

समर्पित करे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 यज्ञोपवीतं समर्पयामि ||

 चन्दन  समर्पित –

यज्ञोपवीत समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र बोलते हुए भगवान गणेश को चन्दन समर्पित करे |

श्रीखण्ड चन्दनं दिव्यं गंधावयं सुमनोहरम् |

विलेपनं सुरश्रेष्ठ ! चन्दनं प्रतिगृहताम्  ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 चन्दनानुलेपनं  समर्पयामि ||

अक्षत समर्पित  –

चन्दन समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र बोलते हुए भगवान गणेश को अक्षत अर्पित करे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 अक्षतान समर्पयामि ||

 पुष्पमाला समर्पित

– अक्षत समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र बोलते हुये भगवान गणेश को पुष्प समर्पित करे |

माल्यादिनि सुगंधिनि मालत्यादीनी वे प्रभो |

मवाह्तानी पुष्पाणी पूजार्थ प्रतिगृहताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

 पुष्पमालां समर्पयामि ||

दूर्वा समर्पित

– पुष्पमाला समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को दूर्वा समर्पित करे |

 ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

दूर्वा समर्पयामि ||

 सिंदूर समर्पयामि –

दूर्वा समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र बोलते हुए भगवान गणेश को सिंदूर समर्पित करे |

सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धम् |

शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृहताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

सिन्दूरं समर्पयामि ||

सुगन्धित द्रव्य समर्पित

– सिंदूर समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को सुगन्धित द्रव्य समर्पित करे |

अबीरं च गुलाल च हरिद्रादि समन्वितम् |

नाना परिमलं द्रव्यं गृहाण परमेश्वर ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

सुगन्धितद्रव्यं समर्पयामि ||

धुप समर्पयामि

– सुगन्धित द्रव्य के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को धुप दिखाए |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

धुपं दर्शयामि ||

दीप दर्शयामि

– धुप दिखाने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को दीप दिखाये |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

दीपं  दर्शयामि ||

हस्तप्रक्षालन

– ॐ हरिकेशाय नम: कहकर हाथ धो ले |

नेवैध्य समर्पित  –

नेवैध्य [ भोग ] को निवेदित कर जल का घेरा बनाकर भगवान के समक्ष रखे |

शर्कराखण्डखाद्यानि  दधिक्षीरघृतानि च |

आहारं भक्ष्यभोज्यं च नेवैध्यं प्रतिगृहताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

नेवैध्यं निवेदयामि ||

जल  समर्पित —

नेवैध्य निवेदित करने के बाद जल समर्पित करे |

ऋतूफल  समर्पित –

जल समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को ऋतुफल अर्पित करे |

इदं फलं मया देव स्थापितं पुरतस्तव |

तेन में सफलावापितर्भवेज्न्न्मनि जन्मनि ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

ऋतूफलानि समर्पयामि ||

आचमन

– ऋतूफल के बाद आचमन के लिए जल समर्पित करे |

ताम्बूल [ पान ] समर्पित  –

आचमन के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुये भगवान गणेश को इलायची , लौंग , सुपारी के साथ ताम्बुल अर्पित करे |

पूगीफलं महदिव्यं नागवल्लीदलेर्युतम् |

एलादीचूर्णसंयुक्तं ताम्बुलं प्रतिगृहताम् ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

मुखवासार्थम् एलालवंगपूगीफलसहितं ताम्बूलं समर्पयामि |

दक्षिणा  समर्पित –

ताम्बुल समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश को द्रव्य दक्षिणा समर्पित करे |

हिरण्यगर्भगर्भस्थं हेमबीजं विभावसो: |

अनन्तपूण्यफलदमत: शान्तिं प्रयच्छ में ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

कृतया: पुजाया: सा दुर्णयार्थे द्रव्यदक्षिणा समर्पयामि |

भगवान गणेश जी की आरती  करे –

द्रव्य दक्षिणा समर्पित करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए भगवान गणेश की कपूर से आरती करे आरती करने के बाद जल गिरा दे |

कदलीगर्भसम्भूतं कर्पुरं तु प्रदीपितम् |

आरार्तिकमहं कुर्वे पश्य में वरदो भव ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

आरार्तिक समर्पयामि |

पुष्पांजली  समर्पित –

भगवान गणेश की आरती करने के बाद निम्न मन्त्र पढ़ते हुए पुष्पांजली अर्पित करे |

नानासुगन्धिपुष्पाणी यथाकालोद्धवानी च |

पुष्पांजलीर्म्या दत्तो गृहाण परमेश्वर ||

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

पुष्पांजलीं समर्पयामि |

प्रदक्षिणा समर्पित  –

पुष्पांजली अर्पित करने के बाद भगवान गणेश को निम्न मन्त्र पढ़ते हुए प्रदक्षिणा करे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

प्रदक्षिणा समर्पयामि |

विशेषार्ध्य –

प्रदक्षिणा करने के बाद भगवान गणेश की निम्न मन्त्र पढ़ते हुए विशेषार्ध्य दे |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

विशेषार्ध्य समर्पयामि |

भगवान गणेश का ध्यान करते हुए प्रार्थना करे |

विघ्नेश्वराय वरदाय सुप्रियाय

लम्बोदराय सकलाय जगद्धिताय |

नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय |

गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते |

भक्तार्तीनाशनपराय गणेश्वराय |

सर्वेश्वराय शुभदाय सुरेश्वराय |

विद्धाधराय विकटाय च वामनाय |

भक्तप्रसन्नवरदाय नमो नमस्ते |

नमस्ते ब्रह्मरूपाय विष्णुरूपाय ते नम: |

नमस्ते रूद्ररुपाय करिरुपाय ते नम: |

विश्वरूपस्वरूपाय नमस्ते ब्रह्मचारिण |

भक्तप्रियाय देवाय नमस्तुभ्यं विनायक |

त्वां विघ्नशत्रुदलनेति च सुन्दरेती |

भक्तप्रियेति सुखदेति फलप्रदेति |

विद्धाप्रदेत्यघहरेति च ये स्तुवन्ति |

तेभ्यो गणेश वरदो भव नित्यमेव |

त्वं वैष्णवी शक्तिरन्तविर्या |

विश्वस्य बीजं परमासी माया |

सम्मोहितं देवी समस्तमेतत्त्

त्वं वे प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतु: |

ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्री महागणाधिपतये नम: |

प्रार्थनापूर्वकं नमस्कारं समर्पयामि | भगवान गणेश को साष्टांग प्रणाम करे |

गणेशपूजने कर्म यन्नयुनमधिकं कृतम् |

तेन सर्वेण सर्वात्मा प्रसन्नो अस्तु सदा मम ||

ऐसा कहकर समस्त पूजा अर्चना भगवान गणेश को समर्पित कर दे भगवान गणेश को साष्टांग प्रणाम कर निम्न मन्त्र पढकर क्षमा – याचना करे |

 

पूजन सामग्री

  • रोली
  • मोली
  • अक्षत
  • पंचामृत [ दूध , दही , घी , शहद  ,शक्कर ]
  • पुष्प  , पुष्पमाला
  • यज्ञोपवीत
  • गंध
  • शमी पत्र
  • दूर्वा
  • दीप