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कथाये

श्री भगवान परशुराम जयंती 2025। Shri Bhagwan Param Parshuram jayanti 2025

श्री भगवान परशुराम जयंती 2025। Shri Bhagwan Param Parshuram jayanti 2025

 

श्री भगवान परशुराम जयंती 2025

 

भगवान परशुराम श्री भगवान विष्णु के अंशावतार अवतार हैं । यह ऋषि ऋचीक  के पोते और जमदग्नि के पुत्र हैं उनकी माता का नाम रेणुका था ।हविष्य के प्रभाव से ब्राह्मण होते हुए भी यह क्षत्रिय कर्म हो गए यह भगवान शंकर के परम भक्त हैं । देवादी देव भगवान शिव ने परशुराम जी को एक अमोघ अस्त्र प्रदान किया जिसे परशु नाम से जाना जाता है परशुराम जी का वास्तविक नाम राम था किंतु हाथ में परसों धारण करने से इन्हें परशुराम नाम से जाना जाता है यह अपने पिता के परम भक्त थे पिता की आज्ञा उनके लिए सर्वोपरि थी । पिता के आज्ञा पालन में सदैव ही तत्पर रहते थे। परशुराम जी के पिता के आश्रम में एक कामधेनु नामक गई थी । कामधेनु गाय के ऐश्वर्या शक्ति को देखकर कार्तवीर्यार्जुन उसे प्राप्त करना चाहता था। कार्तवीर्यार्जुन ने अपनी अतुलित शक्ति का प्रयोग किया और उसे कामधेनु गाय को माहिष्मती ले आया । जब यह बात परशुराम जी को मालूम हुई तो उन्होंने कार्तवीर्यार्जुन तथा उनकी सारी सेवा का विनाश कर डाला इस बात को जब परशुराम जी के पिताजी ने जाना तो उन्होंने परशुराम जी को चक्रवर्ती सम्राट के वध की ब्रह्म हत्या के समान पाप बताते हुए तीर्थ पर जाने की आज्ञा दी पिता की आज्ञा को मानकर परशुराम जी तीर्थ यात्रा पर चले गए वापस आने पर माता-पिता ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया ।

 

 

 

 

रामायण रामायण के अनुसार भी जब सीता स्वयंवर में श्री राम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने पर महिंद्रा चल से परशुराम जी शीघ्रता पूर्वक जनकपुरी पहुंचते हैं किंतु इनका तेज श्री राम में प्रवेश हो गया और वह अपना वैष्णव धनुष उन्हें देखकर वापस तपस्या करने के लिए महिंद्रा चल पर्वत पर लौट गए। भगवान परशुराम चिरंजीवी है वे अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण देते हैं तथा उनके अंदर अतुलित बल शक्ति विराजित करते हैं इनकी उपासना करने वाले भक्तों का सदैव कल्याण होता है तथा उनकी कभी जीवन में हार नहीं होती है उनमें अतुलित बल शक्ति सदैव ही विराजमान रहती है। यह अपने पिता के इतने आज्ञाकारी थे कि एक समय इन्होंने पिता की आज्ञा से अपनी माता का सिर काट डाला था और पुणे इनके पिता ने उनके देश से आशीर्वाद देकर माता की स्थिति यथावत कर दी थी तथा उनकी माता को यह बात याद भी नहीं रही थी।

 रक्षाबंधन दिन दिनांक 2025 शुभ महूर्तरक्षाबंधन दिन , दिनांक, शुभ मुहूर्त 2025। Raksha Bandhan in dinank Shubh muhurt 2025

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