भगवान गणेश की जन्म कथा [ स्कन्दपुराण ] के अनुसार | Bhagwan Ganesh Ki Janm Katha [ Skndpuraan Ke Anusaar ]

By | September 6, 2018

 भगवान गणेश जन्म कथा

माता पार्वती ने अपने उबटन की बत्तियो से एक शिशु बनाकर उस में प्राण प्रविष्ट कर उसे अपना पुत्र मान लिया और कहा पुत्र ! “ मैं स्नान कर रही हूँ , तुम किसी को अंदर मत आने देना |’ जब पार्वती जी स्नान कर रही थी बालक पहरा लगा रहा था | इसी बीच शिवजी आ गये | उन्होंने शिवजी को रोका और कहा माता स्नान कर रही हैं | आप भीतर नहीं जा सकते | शिवजी ने बालक को समझाया पर बालक नहीं माना | दोनों में घोर युद्ध हुआ | शिवजी ने बालक का सिर काट लिया |


माँ पार्वती शोर सुनकर बाहर निकली और रुदन करने लगी | उसी बीच गजासुर शिवजी से लड़ने आया | शिवजी ने असका मस्तक काट कर बालक के धड पर लगा दिया | इसलिए सर्वप्रथम इनको ’ गजानन ‘ नाम मिला |
“ ॐ गंग गणपतये नम: “

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