Karpura Gauram Karuna Avataram) कर्पूरगौरं करुणावतारं,

Karpura Gauram Karuna Avataram)

Karpura Gauram Karuna Avataram

कर्पूरगौरं करुणावतारं,

कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि॥

इस मन्त्र में देवादिदेव भगवान भोल नाथ की स्तुति की गई हैं इसका अभिप्राय यह हैं की कर्पूरगौरं – भगवान भोलेनाथ गौरवर्ण वाले , करुणावतारं – करुणानिधि करुणा के सागर हैं , संसारसारम् सम्पूर्ण सृष्टि के सार हैं भुजगेन्द्हारम्- शेषनाग को धारण करने वाले , सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि – वे सदाशिव भगवान माँ पार्वती सहित मेर हृदय में निवास करते हैं उन करुणानिधि को मेरा बारम्बार प्रणाम |

इसका अभिप्राय यह हैं की भगवान  भोलेनाथ गौरवर्ण वाले , करुणानिधि करुणा के सागर हैं , सम्पूर्ण सृष्टि के सार हैं शेषनाग को धारण करने वाले वे  सदाशिव भगवान माँ पार्वती सहित मेर हृदय में निवास करते हैं उन करुणानिधि को मेरा बारम्बार प्रणाम |  

अगर आपको यह लेख पसंद आया हैं तो कृपया शेयरलाइक और कमेंट जरूर करें!

अन्य समन्धित पोस्ट

विष्णु भगवान के वामन अवतार की कथा

भगवान शिव स्तुति 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.