Category: आरती

ॐ तनोट माता जी की आरती ॐ TANOT MATA JI KI AARTI

तनोट माता मन्दिर तनोट माता मन्दिर  जैसलमेर से 130 किलोमीटर दुर भारत – पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित हैं | यह मन्दिर 1200 साल पुराना हैं |1965 की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना की तरफ से गिराये गये करीब 3000 बम में से लगभग 450 बम मन्दिर परिसर में गिरे उनमें से एक भी बम […]

आरती महालक्ष्मी जी की | AARTI MAA MAHALAKHSHMI JI KI

ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता | तुमको निशिदिन सेवत , हर विष्णु विधाता || ॐ जय ….  उमा रमा ब्रह्माणी , तुम ही जग माता | सूर्य चन्द्रमा ध्यावत , नारद ऋषि गाता || ॐ जय….. दुर्गा रूप निरंजनी , सुख़ सम्पती दाता | जों कोई तुमको ध्यावत  , रिद्धि – […]

शिवाष्टकं स्तोत्र | Shivashtakam Stotra

शिवाष्टकं स्तोत्र  Shivashtakam Stotra प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम् । भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 1 ॥   गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकाल कालं गणेशादि पालम् । जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै र्विशालं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 2॥ मुदामाकरं मण्डनं मण्डयन्तं महा मण्डलं भस्म भूषाधरं तम् । अनादिं ह्यपारं महा मोहमारं, […]

भगवान सूर्य नारायण जी की आरती | Bhgwan Surya Narayan Ji Ki Aarti

श्री सूर्य वन्दना नमो नमोस्तुते सदा विभावसो सर्वात्मने सप्तह्याय भानवे | अनन्तशक्तिर्मणीभूषणन वदस्व भक्ति मम मुक्तिमव्य याम ||  भगवान सूर्य नारायण जी की आरती जय कश्यप – नन्दन , ॐ जय अदिति नन्दन | त्रिभुवन – तिमिर – निकन्दन भक्त – हृदय – चन्दन || टेक || सप्त – अश्वरथ राजित एक चक्र धारी | […]

क्यों हैं आरती करने का इतना अधिक महत्व | HINDU SANSKRITY KI ANMOL DHROHAR ARTI

क्या आप जानते हैं पूजा के  बाद क्यों की जाती हैं आरती आइये जानते हैं आरती करने का इतना अधिक महत्व क्यों हैं | जिस घर में हो आरती , चरण कमल चित्त लाय | तहां हरी बासा करें , ज्योत अनन्त जगाय || आरती का महत्त्व  शास्त्रों में नवधा भक्ति को उतम माना गया […]

आरती श्री राधाजी की | Aarti Shree Radha Ji Ki

श्री राधिका – वन्दन व्रजराजकुमारवल्लभा कुलसीमन्तमणि प्रसीद में | परिवारगणस्य ते यथा पदवी में न पदवी द्वियसी भवेत ||      आरती श्री राधाजी की आरती श्री वृषभानुसुताकी | मंजू मूर्ति मोहन – ममता की || टेक || त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनी , विमल विवेकविराग  विकासिनी , पावन प्रभु – पद – प्रीति प्रकाशिनि सुन्दरतम […]

आरती एकादशी माता की | Aarti – Ekadashi Mata ki

 आरती एकादशी व्रत की ॐ जय एकादशी , जय एकादशी, जय एकादशी माता | विष्णु पूजा व्रत को धारण कर , शक्ति मुक्ति पाता || ॐ || तेरे  नाम  गिनाऊँ  देवी ,  भक्ति  प्रदान  करनी | गुण गौरव की देवी माता , शास्त्रों में वरनी || ॐ || मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष उत्पन्ना होती | […]

आरती पार्श्वनाथ जी की | Aarti Parshvanath Ji Ki

आरती पार्श्वनाथ जी की | Aarti Parshvanath Ji Ki ॐ जय पारस देवा , स्वामी जय पारस देवा | सुर – नर – मुनि जन तुम चरनन , की करते नित सेवा | ॐ जय पारस देवा …………| पौष बदी ग्यारस कांशी में , आनन्द अति भारी -२ अश्वसेन के घर – वामा के उर […]

शीतला माता जी की आरती | Shitla Mata Ji Ki Aarti

शीतला माता जी की आरती  Shitla Mata Ji Ki Aarti ॐ जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता , आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता , ॐ जय शीतला माता ………….| रतन सिहांसन शोभित , श्र्वेत छत्र भ्राता , रिद्धि सिद्धि चंवर डोलावे , जग मग छवि छाता , ॐ जय शीतला माता […]

आरती श्रीमद्भगवद गीता की | Aarti Shrimad Bhagwat Gita ki

आरती श्रीमद्भगवद गीता की | Aarti Shrimad Bhagwat Gita ki जय भगवद् गीते , माँ जय भगवद गीते | हरि – हिय – कमल – विहारिणी सुंदर सुपुनीते | कर्म – सुर्मम – प्रकाशिनि कामासक्तिहरा | तत्व – ज्ञान – विकाशिनी विद्धा ब्रह्म – परा | जय भगवद्गीते  ……………| निश्चल – भक्ति – विधायिनी निर्मल […]

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