अहोई अष्टमी व्रत की कथा , कहानी ,अहोई माता की कहानी 2022 || Ahoi-Ashtami-vrat-katha 2022

अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी व्रत महत्व पूजन विधि -2022  | Ahoi Ashtami 2022  Vrat & Poojan Vidhi

अहोई अष्टमी व्रत की आरती 

 

अहोई अष्टमी व्रत कथा Ahoi-Ashtami-vrat-katha

एक नगर में एक साहुकारनी रहती थी , उसके सात लडके थे | एक दिन साहुकारनी जंगल में घास लेने गई | जैसे ही घास तौड़ने के लिए कुदाल मारी वैसे ही सेही के बच्चे मर गए | साहुकारनी दुखी मन से बिना घास के ही घर आ गई | जब सेही अपने घर आई तो बच्चो को मरा हुआ देख कर नाना प्रकार से विलाप करने लगी और उसने श्राप दे दिया की जिसने मेरे बच्चो को मारा उसको भी यही दुःख होना चाहिए | सेही  के श्राप के कारण एक साल के भीतर ही साहुकारनी के सातों बच्चे मर गये |

साहूकार साहुकारनी के अपने सातों बच्चो को खों देने पर व्याकुल मन से किसी तीर्थ स्थान पर जाकर अपने प्राणों का त्याग करने का सोंचा |

 

 

इसके बाद दोनों पति पत्नी पैदल ही घर से किसी तीर्थ स्थान के लिए निकल पड़े | भूखे प्यासे चलते ही जा रहें थें , चलते चलते अत्यंत थककर मूर्छित होकर गिर पड़े | अनजाने में हुए पाप का विचार कर दया निदान भगवान ने उनकों म्रत्यु से बचाने के लिए उनके पापों का अंत करने वाला अहोई अष्टमी का व्रत विधि – विधान से आकाशवाणी के द्वारा करने को कहा | उन्होंने बताया की घास खोद्तें वक्त तुमसे अनजाने में सेही के बच्चो को मार डाला था , जिसके कारण तुम्हें अपने बच्चो का दुःख देखना पड़ा | अब तुम पुन: घर जाकर तुम मन लगाकर गऊ की सेवा करोगे और अहोई माता की पुजा करोगें तो तुम्हे पुन: सन्तान सुख़ प्राप्त होगा |

इस प्रकार आकाशवाणी सुनकर साहूकार साहुकारनी भगवती दैवी का स्मरण करते हुए घर आ गये | इसके बाद श्रधा व भक्ति के साथ गऊ की सेवा शुरू कर दी | अहोई माता का पूजन विधि – विधान से करने से अहोई माता प्रसन्न हुई और उनके सातों पुत्र वापस लौटा दिए | सातों पुत्रो व अगणित पोत्रो ,संसार के नाना प्रकार के सुखों को भोग कर स्वर्ग को चलें गयें |

 

अहोई अष्टमी व्रत महत्व पूजन विधि -2020 | Ahoi Ashtami 2020 Vrat & Poojan Vidhi

अहोई अष्टमी व्रत की आरती 

इस कथा को सुनने के पश्चात अहोई माता की आरती गायें | सब मिलकर बोलो –

    || अहोई माता की जय ||

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