Tag Archives: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम :

गरुड़ पुराण क्या है, इसका इतना महत्त्व क्यों है? क्या मृत्यु के समय ही करना चाहिए गरुड़ पुराण का पाठ? जानें रहस्य | Garuda Puran ka Mahttv

By | September 12, 2020

गरुड़ पुराण क्या है, इसका इतना महत्त्व क्यों है? क्या मृत्यु के समय ही करना चाहिए गरुड़ पुराण का पाठ? जानें रहस्य पुराण वांग्मय में गरुड़ पुराण का महत्वपूर्ण स्थान है |क्योंकि सर्वप्रथम परब्रह्म परमात्मा प्रभु ने साक्षात् भगवान विष्णु ने ब्रह्माजी आदि देवताओं सहित देवेश्वर भगवान रुद्रदेव को सभी शास्त्रों में सारभूत  तथा महान… Read More »

dushala ke janm ki katha | क्या आप जानते हैं गांधारी के सौ पुत्रो के अतिरिक्त एक पुत्री भी थी उस पुत्री का नाम क्या था उसका जन्म कैसे हुआ

By | August 21, 2020

क्या आप जानते हैं गांधारी के सौ पुत्रो के अतिरिक्त एक पुत्री भी थी उस पुत्री का नाम क्या था उसका जन्म कैसे हुआ | दु:श्ला  नाम वाली उस कन्या की  कामना गांधारी ने  मन ही मन कैसे की | महर्षि व्यास के प्रसाद से धतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र हुए परंतु यह कम… Read More »

महाभारत के सड़सठवेअध्याय के अनुसार भगवान श्री कृष्ण की महिमा | Bhagwan Shree Krishana Ki Mahima

By | August 12, 2020

  महाभारत के सड़सठवे अध्याय के अनुसार भगवान श्री कृष्ण की महिमा दुर्योधन ने  भीष्मपितामह से पूछा – पितामह ! वासुदेव श्री कृष्ण को संपूर्ण लोकों में महान बताया जाता है अतः में उनकी उत्पत्ति और स्थिति के विषय में जानना चाहता हूं|  भीष्मपितामह जी ने कहा – भरत श्रेष्ठ ! वसुदेव नंदन श्री कृष्ण… Read More »

Shree Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम

By | December 20, 2019

Shree  Gopal Sahastranaam Stotram श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम भगवान श्री कृष्ण के सहस्त्र नाम हैं उन्हीं में से उनके गोपाल नाम की महिमा अपरम्पार हैं श्री गोपाल सहस्त्र नाम का नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाए पूर्ण हो जाती हैं | इसके पाठ करने से प्राणी इस लोक में सांसारिक सुखो को भोगकर अंत में… Read More »

आरती कृष्णजी की , कृष्ण वन्दना | aarti-krishn-ji-ki-shree-krishn-vandna

By | December 20, 2019

                         श्री  कृष्ण वन्दना भजे ब्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डन , स्वभक्तचितरंजनं सदैव , नन्दनन्दम | सुपिच्छगुच्छमस्तकम सुनादवेण हस्तकम , अनंगरंग सागरम नमामि कृष्णनागरम || आरती कृष्णजी की ॐ जय श्री कृष्ण हरे , प्रभु जय श्री कृष्ण हरे , भक्तन के दुःख सारे पल में दुर… Read More »

आमल की एकादशी [ फाल्गुन मास ] Aamal Ki Ekadashi [ Phalagun Maas ]

By | April 20, 2019

आमल की एकादशी [ फाल्गुन मास ] युधिष्ठर ने पूछा – स्वामी !  फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम हैं ? उसकी क्या विधि हैं तथा इस दिन किसकी पूजा की जाती हैं ? तथा उससे किस फल की प्राप्ति होती हैं ? यह बतलाइए | भगवान वासुदेव ने कहा – हे राजन… Read More »

Safla Ekadashi [ poush krishan paksh | सफला एकादशी पौष कृष्ण पक्ष |

By | December 8, 2018

 सफला एकादशी व्रत का महात्म्य युधिष्ठर बोले – पौष कृष्ण में कौनसी एकादशी आती हैं ? उस एकादशी का क्या नाम हैं ? उसके पूजन की क्या विधि हैं तथा उसमें किस देवता का पूजन किया जाता हैं | हे जनार्दन स्वामी कृपा कर यह मुझे विस्तार पूर्वक कहिये | भगवान श्री कृष्ण बोले –… Read More »

अनन्त चतुर्दशी व्रत पूजन विधि , व्रत कथा , महत्त्व Anant Chturdashi Pujan Vidhi , Vrat Katha , Mahattv

By | September 19, 2018

Anant  Chturdashi Pujan Vidhi , Vrat Katha , Mahattv अनन्त चतुर्दशी व्रत का महत्त्व भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनन्त चतुर्दशी के नाम से जाना जाता हैं | इस वर्ष यह व्रत 23 सितम्बर रविवार को हैं | अनन्त चतुर्दशी का व्रत सब दोषों का शमन करने वाला एवं समस्त मंगलो… Read More »

परिवर्तिनी [ जलझुलनी ] एकादशी [ भाद्रपद शुक्ल पक्ष ] Parivratniya Ekadashi [ Jal Jhulani Ekadashi ]

By | August 29, 2020

जलझुलनी एकादशी का महात्म्य परिवर्तिनी [ जलझुलनी ] एकादशी [ भाद्रपद शुक्ल पक्ष ] युधिष्ठिर बोले – भाद्रपद शुक्लपक्ष की एकादशी का क्या नाम हैं ? क्या विधि हैं ? कौन देवता हैं ? और क्या विधि हैं ? क्या पूण्य हैं ? यह बतलाइये |भगवान श्री कृष्ण बोले – हे राजन ! मोक्ष को… Read More »

योगिनी एकादशी [ आषाढ़ कृष्ण पक्ष ] | Yogini Ekadashi [ Ashadha Krishna Paksha

By | April 25, 2019

योगिनी एकादशी [ आषाढ़ कृष्ण पक्ष ] युधिष्ठिर बोले – आषाढ़ कृष्णा एकादशी का क्या नाम हैं | हे मधुसुदन ! कृपा करके मुझसे कहिये | श्री कृष्ण जी बोले – हे राजन ! व्रतो में उत्तम व्रत मैं तुमसे कहता हूँ | योगिनी एकादशी का व्रत सब पापों को दूर करने वाला भक्ति और… Read More »