Category Archives: कहानियाँ

अंधी बुढिया माई पर गणेशजी भगवान की कृपा की कहानी | ANDHI BUDHIYA MAAI AUR GANESH JI BHGWAN KI KAHANI

By | September 21, 2020

  अंधी बुढिया माई पर गणेशजी भगवान की कृपा की कहानी | ANDHI BUDHIYA MAAI AUR GANESH JI BHGWAN KI KAHANI एक अंधी बुढ़िया थी, जिसका एक लड़का और बहू थी। वह बहुत गरीब थी। वह अंधी बुढ़ियामाई  नित्यप्रतिदिन  गणेशजी की पूजा किया करती थी। माई कई पूजा से प्रसन्न होकर एक दिन गणेशजी भगवान… Read More »

जीवित्पुत्रिका व्रत को करने के नियम , पूजा विधि , जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्त्व , जीवित्पुत्रिका व्रत की पौराणिक कथा | JIVITPUTRIKA VRAT KO KRNE KE NIYAM , POOJA VIDHI , MAHTTV , JIVITPUTRIKA VRAT KI KATHA

By | September 13, 2020

  जीवित्पुत्रिका व्रत को करने के नियम , पूजा विधि , जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्त , जीवित्पुत्रिका व्रत की पौराणिक कथा जीवित्पुत्रिका व्रत करने से क्या फल प्राप्त होता हैं यह व्रत किस मास में किया जाता हैं इस व्रत को करने का क्या विधान हैं आइये जानते हैं जीवित्पुत्रिका व्रत को करने के नियम… Read More »

करवा चौथ व्रत की कहानी , तिथि व मुहूर्त 2020 । Karwa Chauth Ki Kahani Hindi Main 2020

By | September 12, 2020

  करवा चौथ व्रत की कहानी , तिथि व मुहूर्त 2020 । Karwa Chauth Ki Kahani Hindi Main 2020 कार्तिक कृष्णा चतुर्थी को मनाया जाने वाला वाला यह व्रत सौभाग्यवती स्त्रियों के द्वारा किया जाता हैं | यह व्रत स्त्रियों को बहुत प्रिय हैं | स्त्रिया तथा  पति की कामना करने वाली कन्याये  विशेष रूप… Read More »

सातुडी तीज [ कजली तीज ] बड़ी तीज व्रत की चार कहानीया 2020 | Kajli Teej Vrat Ki Char Kahaniya 2020

By | August 1, 2020

  06 अगस्त 2020 गुरुवार [बृहस्पतिवार ]   सातुडी तीज [ कजली तीज , बड़ी तीज ] व्रत की कहानी 1 एक साहुकार था | उसके सात बेटे थे | साहूकार का छोटा बेटा वेश्यागामी था | उसकी पत्नी अपनी जेठानियो के यहाँ घर का काम करके अपना गुजारा करती थी | भादवे के महीने… Read More »

रक्षाबंधन राखी शुभ मुहूर्त , रक्षासूत्र बांधने की विधि त्यौहार 2020 | Raksha Banadhn [ Rakhi } Bhai Bahan Ka Tayohar

By | August 20, 2020

रखाबंधन शुभ मुहूर्त03 अगस्त 2020 रक्षा बंधन का त्यौहार इस वर्ष 03  अगस्त सोमवार 2020   को हैं |  सुबह चौघडिया का शुभ मुहूर्त  सुबह 9 बजे से 10:22 बजे तक दोपहर 1:40 बजे से सायं 6:37 बजे तकशाम 07 बजकर 07 मिनट से रात 09 बजकर 15 मिनट तक हैं | भाई – बहन के… Read More »

ऋषि पंचमी [ भाई पंचमी ] व्रत पूजन विधि , कहानी 2020| Rishi Panchami [ Bhaai Panchmi ] Vrat Pujan Vidhi , Kahani 2020

By | July 12, 2020

ऋषिपंचमी व्रत का महत्त्व   Rishi Panchami Vrat Ka Mahattv 23 अगस्त 2020 रविवार को गणेश चतुर्थी के दुसरे दिन भाद्रपद शुक्ला पंचमी को ऋषि पंचमी का व्रत बहने अपने भाई की लम्बी आयु के लिए रखती हैं | इस व्रत को भाई पंचमी के नाम से भी जाना जाता हैं | इस व्रत में… Read More »

श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा , व्रत पूजन विधि , महत्त्व 2020 | Shree Krishna Janmashtami Vrat Katha , Vrat Pujan Vidhi , Mahattv2020

By | July 13, 2020

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्त्व Shree Krishna Janmashtami Mahattv जन्माष्टमी 2020 11 अगस्त निशिथ पूजा– 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 48मिनट पारण– 11बजकर 15मिनट  (12 अगस्त) के बाद रोहिणी समाप्त- रोहिणी नक्षत्र रहित जन्माष्टमी अष्टमी तिथि आरंभ – 09बजकर 06 मिनट (12 अगस्त) अष्टमी तिथि समाप्त – 11बजकर 15मिनट  (12 अगस्त) श्री कृष्ण… Read More »

गणेश जी की कहानी सास बहूँ वाली | Ganeshji Ki Kahani gneshji-ki-kahani-saas-bahu-wali

By | September 18, 2020

श्री गणेश जी भगवान की कहानी एक सास बहु थी | सास उसकी बहु को खाना नहीं देती थीं | बहु रोज नदी पर जाती तो जाते समय घर से आटा ले जाती | नदी के पानी से आटा गूंधती | गणेश जी भगवान  के मन्दिर के दीपक से घी लेती भोग में से गुड… Read More »

ऊबछट [ हलधर षष्ठी ] व्रत कथा , व्रत पूजन विधि 2020 | Ubchhath Vrat Katha , Vrat Pujan Vidhi ,2020

By | July 12, 2020

 ऊबछट [ हलधर षष्ठी ] व्रत कथा , व्रत पूजन विधि , Ubchhath Vrat Katha , Vrat  Pujan  Vidhi , 09 अगस्त 2020 रविवार  भगवान श्री कृष्ण के भाई बलराम जी का जन्म दिवस ऊबछट को मनाया जाता हैं इसलिए इसे हलधर षष्ठी के नाम से भी जाना जाता हैं | ऊबछट व्रत भाद्रपद मास… Read More »

सोमवार व्रत कथा | somvar-monday-vrt-katha

By | July 6, 2020

                                                                                                  सोमवार व्रत कथा एक नगर में बहुत धनवान साहूकार रहता था | उसके घर में धन की कोई कमी न थी , परन्तु वह बहुत दुखी रहता था , क्यों की उसके कोई पुत्र नही था | वह इसी चिंता में दिन रात दुखी रहता था | पुत्र की कामना के लिए वह प्रत्येक… Read More »