Category: धर्म

धर्मराज जी की कहानी , व्रत विधि , आरती , धर्मराज मन्त्र , | Dharamraj Ji Ki Kahani , vrat vidhi , Dharmraj ji ki aarti,Dharmraj Mantra

धर्मराज जी की कहानी  autoplay> धर्मराज जी की कहानी Dharamraj Ji Ki Kahani एक ब्राह्मणी मरकर भगवान के घर गई | वहाँ जाकर बोली , “ मुझे धर्मराज  जी के मन्दिर का रास्ता बता दो |” स्वर्ग से एक दूत आया और बोला , ब्राह्मणी आपको क्या चाहिए | वो बोली मुझे धर्मराज मन्दिर का […]

Shiva Lingashtakam Stotram शिव लिङ्गाष्टकं स्तोत्रम्

Shiva Lingashtakam Stotram शिव लिङ्गाष्टकं स्तोत्रम् ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गम् निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ अर्थ :  देव सदाशिवलिंगको मैं प्रणाम करता हूं जो शाश्वत शिव है, जिनकी अर्चना स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और अन्य देवता करते हैं, जो निर्मल, सुशोभित है और जो जन्म जन्म  दुखोंका विनाश करती है | देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गम् कामदहम् करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गम् तत् […]

श्रीमद्भगवद्गीता प्रथम अध्याय हिंदीअनुवाद SHREEMADBHAGAVAD GEETA PRATHAM ADHYAAY HINDI ANUVAAD

श्रीमद्भगवद्गीता प्रथम अध्याय हिंदीअनुवाद  SHREE MAD  BHAGAVAD GEETA CHAPTER 1 HINDI ANUVAAD   दोनों सेनाओ के प्रधान – प्रधान वीरो एवं शंख ध्वनी का वर्णन तथा स्वजन के पाप से भयभीत हुए अर्जुन का विषाद धृतराष्ट्र बोले – हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में एकत्रित हुए युद्ध की इच्छा वाले मेरे और पांडु के पुत्रो ने […]

धरती माता की कहानी | DHARTI MATA KI KAHANI

धरती माता की कहानी  एक ब्राह्मणी थी | वह बहुत धार्मिक महिला थी | सभी ग्रामवासी उसका बहुत सम्मान करते थे | कोई भी उसकी शरण में आता वह सबकी मदद किया करती थी | मन ही मन भगवान का स्मरण किया करती थी | भगवान की सेवा पूजा व जरूरतमन्दो की सेवा ही उसका […]

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