Tag: जयगुरुदेव

गुरुभक्त आरुणी की कथा | Guru Bhakt Aaruni Ki Katha

गुरुभक्त आरुणी की कथा | Guru Bhakt Aaruni Ki Katha यह कथा गुरुभक्त आरुणी की हैं जिसमें श्रद्धा [ गुरु के प्रति विनय , सेवा की भावना ] , तत्परता [ लग्न परिश्रम ] , संयतेन्द्रियता [ मन एवं इन्द्रयो को वश में रखना ] कूट कूट कर भरी थी | विद्याथियो का जीवन सादा […]

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