दशहरे का महत्त्व [ विजय दशमी पर्व ] 2018 | Dussehra Parav [ Vijay Dashmi Parav

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Last updated on October 13th, 2018 at 09:38 pm

असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा

शुक्रवार 19 अक्टूबर 2018 को हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार दशहरा हैं | भगवान राम की विजय की साक्षी  आश्विन मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता हैं | असत्य पर सत्य की बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व हैं दशहरा | इस दिन शस्त्र पूजा की जाती हैं | भगवान राम ने इस दिन रावण वध किया था | इसी कारण इस दिन रावण का पुतला जला कर इस उत्सव मनाया जाता हैं | रामलीला का आयोजन किया जाता हैं , शस्त्र पूजा की जाती हैं , रावण – दहन किया जाता हैं |

रावण प्रतीक हैं अहंकार का , रावण प्रतीक हैं अहंकार का , रावण प्रतीक हैं शक्ति के दुरूपयोग का , रावण प्रतीक हैं अपने आप को ईश्वर मानने का | रावण के दस सिर प्रतीक हैं काम , क्रोध , लोभ , मोह , मद आदि अवगुणों का |

तथा इसी दिन माँ दुर्गा ने नौ रात्रि के युद्ध के उपरान्त दसवें दिन महिसासुर का वध किया था | इसी कारण माँ दुर्गा को महिषासुरमर्दिनी के नाम से भी जाना जाता हैं | इसी कारण इस पर्व को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता हैं | जो बुराई पर अच्छाई का प्रतीक हैं |

 

नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना कर दसवें दिन जीवन के हर क्षेत्र में विजय की कामना कर शस्त्र पूजन किया जाता हैं | विजयादशमी के शुभ अवसर पर शक्ति रूपा दुर्गा , माँ काली की आराधना कर शस्त्र पूजा करने की परम्परा हैं | ऐसी मान्यता हैं की इस दिन जिस भी कार्य का शुभारम्भ किया जाता हैं उसमें निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती हैं | इस दिन को कृषि के उत्सव के रूप में भी मन्य जाता हैं | भारत कृषि प्रधान देश हैं | इस समय किसान अत्यंत प्रसन्न होते हैं फसल कट कर घर आती हैं घर में अन्न धन के भंडार भरे होते हैं | इस शुभ अवसर पर भगवान का धन्यवाद कर पूजन करता हैं |

भारत के विभिन्न प्रदेशो में दशहरे का त्यौहार बड़ी धूम – धाम से मनाया जाया हैं | भगवान राम की विजय की साक्षी दशमी तिथि अथवा महिषासुरमर्दिनी कि विजय के रूप में मनाया जाने वाला त्यौहार हैं दशहरा [ विजयादशमी ] हैं | हिमाचल प्रदेश में कुल्लू का दशहरा त्यौहार बहुत प्रसिद्ध हैं |

|| जय माता दी ||

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