Author Archives: Pareek

अथ बुधवार की आरती

By | December 3, 2017

आरती युगल किशोर की कीजै | तन       मन   न्योछावर  कीजै || गौरश्याम मुख निरखन लीजै | हरी को स्वरूप नयन भरी पीजै || रवि शशी कोटि बदन की शोभा | ताहि निरखि मेरो मन लोभा || ओढ़े    नील  पीत    पट  सारी | कुञ्जबिहारी    गिरिवरधारी || फुलं की सेज फूलन की माला |… Read More »

बुधवार व्रत की कथा , विधि , महत्त्व

By | December 13, 2017

बुधवार  व्रत का महत्त्व भगवान गणेश को प्रसन्न करने का मार्ग बड़ा ही सरल और सुगम हैं | उसे प्रत्येक अमिर गरीब व्यक्ति कर सकता हैं | उसमे न विशेष खर्च की ,न दान पुण्य की , न विशेष योग्यता की और न विशेष समय की ही आवश्यकता हैं , आवश्यकता हैं केवल शुद्ध भाव… Read More »

मंगलवार व्रत की कथा , विधि

By | November 21, 2017

एक ब्राह्मण दम्पति के कोई सन्तान नहीं थी | इसलिए पति पत्नी दोनों बहुत दुखी रहते थे | पति भगवान बजरंग बलि की शरण में चला गया | बजरंग बलि की पूजा अर्चना करते हुए पुत्र प्राप्ति की कामना करता था | उसकी पत्नी भी पुत्र प्राप्ति  की कामना से मगंलवार का व्रत किया करती… Read More »

गणेशजी न्योतने का गीत

By | November 20, 2017

आओ गजानन्द , बैठो गजानन्द ब्याह में , कारज सिद्ध कर करों गणदेवा , नवल बना र ब्याह म , सिरदार बना र ब्याह म | सबसे पहले बनडा का दादाजी , गणपति देव मनावे हैं , लड्डू और रुपया से गणपति , थारो थाल सजावे हैं , बांध घुघरा आवो विनायक , बाज रही… Read More »

|| श्री सत्यनारायण जी की आरती ||

By | December 20, 2017

जय लक्ष्मी स्वामी , प्रभु जय कमला स्वामी | प्रभो सत्यनारायण जय अन्तर्यामी || टेर || शुक्ल…वर्ण पीताम्बर…वनमाला धारी | चक्र सुदर्शन कर में  , रिपुगण भयकारी || १ || शंक  गदात्पल सुन्दर , हाथों में सोहे | तब सुन्दरता देखत , कोटि मदन मोहे || २ || राधा – कृष्ण तुम्हीं हो , तुम… Read More »

|| आरती जगदीश हरे की || Aarti Jagdish Hare Ki

By | March 14, 2018

  ॐ जय जगदीश हरे , स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट , छिन में दूर करे || टेर || जों ध्यावे फल पावे , दुःख विनसे  मन  का  | सुख़ सम्पति घर आवे ,कष्ट मिटे तन का ||१ || मात पिता  तुम  मेरे  , शरण  गहू  किसकी  | तुम बिन और… Read More »

रविवार [ आदित्यवार ] की आरती

By | December 20, 2017

कहूँ लगी   आरती  दास करेगे , समुन्द्र   जाके  चरणनई  बसे , कोटि  भानु जाके नख की शौभा , भार   अठारह  रमा  बलि  जाके , छप्पन भोग जाके नित प्रति लागे   अमित कोटि जाके  बाजा  बाजे , चार  वेद जाके  मुख की शौभा , शिव सनकादिक आदि ब्रह्मादिक , हिम मन्दार  जाको पवन झकोरे ,… Read More »

सप्तवार व्रत कथा रविवार [ आदित्य वार } इतवार व्रत विधि , कथा , आरती

By | March 17, 2018

यह व्रत सम्पूर्ण पापों का नाश करने वाला , आरोग्य दायक ,धार्मिक ,धन धान्य , पुत्र पौत्र से सम्पन , मान सम्मान में वृदि , तथा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला हैं | भगवान सूर्य में अनन्य भक्ति रखकर रविवार [ आदित्य वार ] का व्रत करना चाहिये | इसलिए रविवार को एक समय… Read More »

सत्यनारायण व्रत – कथा के प्रसंग में लकडहारे की कथा

By | November 21, 2017

सूतजी बोले ! ऋषियों ! अब इस सम्बन्ध में सत्यनारायण व्रत के आचरण से कृतकृत्य हुए भिल्लो की कथा सुने |एक समय की बात हैं , कुछ निषादगण वन से लकड़ियाँ काटकर नगर में लाकर बेचा करते थे | उनमे से कुछ निषादगण वन से लकडियां काटकर कांशीपूरी लकड़ी बेचेने आये | उन्ही में से… Read More »

आरती बजरंग बलि [ हनुमान जी ] की | Aarti Bajrang Bali Ji Ki

By | August 17, 2019

  यत्र तत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्त कान्ज्जलिम | वाष्पवारीपरिपूर्णलोचनं मारुतिंनमत राक्षसान्तकम ||      आरती         बजरंग बली आरती कीजै हनुमान लला की | दुष्ट दलन रघुनाथ कला की | जाके बल से गिरिवर कांपै | रोग – दौष जाके निकट न झांके || अंजनी     पुत्र       महा    बलदाई … Read More »