भगवान शंकर के दस प्रमुख अवतार | Bhgwan Shankar Ke Das Aavtar

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भगवान शंकर के दस प्रमुख अवतार

जो परम आनन्दमय हैं जिनकी लीलाए अनंत हैं , जो देवो के भी देव हैं , सर्वव्यापक हैं , भोले भंडारी  हैं , पार्वती प्रिय , स्वामी कार्तिकेय और विघ्नहर्ता गणेश के जनक हैं उन महादेव को मेरा बारम्बार नमस्कार हैं | उन प्रभु के दस प्रमुख अवतारों का जो नित्य सुनता हैं उनके सभी दुःख , कष्ट क्षण में ही दूर हो जाते हैं |

प्रथम अवतार –  ‘ महाकाल अवतार ’ जो भक्तो को भोग , मोक्ष प्रदान करने वाला हैं | उनकी शक्ति महाकाली हैं | जो भक्तो को अभीष्ट फल प्रदान करती हैं | उज्जैन में महाकाल नाम से ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं |

दूसरा अवतार –  ‘ तार अवतार ‘ नाम से विख्यात हैं जिसकी शक्ति तारा हैं | पश्चिम बंगाल के वीरभूम में स्थित द्वारका नदी के पास श्मशान में स्थित हैं |

तीसरा अवतार –  ‘ बाल भुवनेश्वर ‘ अवतार हैं जिनकी शक्ति बाला भुनेश्वरी हैं |

चौथा अवतार – ‘ षोडश श्रीविद्येश ’ के नाम से विख्यात हैं | इनकी महाशक्ति षोडशी श्री म्हाविद्ध्या हैं |

पांचवा अवतार – ‘ भैरव अवतार ’ नाम से प्रसिद्ध हैं | उनकी महाशक्ति भैरवी गिरिजा हैं | उज्जैन के शिप्रा नदी तट पर महाशक्ति माँ भैरवी का शक्ति पीठ हैं |

छठा अवतार – ‘ छिन्नमस्तक अवतार ‘ जिनकी महाशक्ति छिन्नमस्तका गिरिजा हैं |

सातवाँ अवतार – ‘ धुमवान अवतार ‘ इनकी महाशक्ति धूमावती हैं |

आठवां अवतार – ‘ बगलामुख अवतार ‘ इनकी शक्ति बगलामुखी हैं |

नौवा अवतार – ‘ मातंग अवतार ‘ इनकी शक्ति माँ मातंगी हैं |

दसवाँ अवतार – ‘ कमला अवतार ‘ इनकी महाशक्ति कमला [ पार्वती ] हैं |

भगवान देवादिदेव महादेव के ये दस अवतार भक्तो को सुख प्रदान करने वाले हैं |

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